
कलेक्टर श्री गुप्ता ने जिला स्तरीय कार्यशाला में अधिकारियों को दिए निर्देश , “आदि कर्मयोगी अभियान” संबंधी सभी दायित्व समय सीमा में पूर्ण करें
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खण्डवा//
“आदि कर्मयोगी अभियान” समाज के अंतिम छोर के व्यक्तियों की समस्याओं और आवश्यकताओं को चिन्हित कर उनके निराकरण के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत गांव के विकास का खाका राष्ट्रीय या प्रदेश स्तर से तैयार नहीं होगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणजन ही अपने गांव के विकास की योजना तैयार करेंगे। यह बात कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित #आदि_कर्मयोगी_अभियान की जिला स्तरीय कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों से कही। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, एसडीएम पुनासा श्री शिवम प्रजापति, सहायक कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्णा सुशिर, अपर कलेक्टर श्री के.आर. बड़ोले, सहायक आयुक्त अनुसूचित जनजातीय कार्य विभाग सहित श्री संतोष शुक्ला सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
15 से 30 सितंबर के बीच आयोजित होंगी 4 ग्राम सभाएं
कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन आदि कर्मयोगी के तहत सौंप गए दायित्वों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के अनुसूचित जनजाति बहुल 305 ग्रामों को चिन्हित किया गया है। इन गांव में 15 से 30 सितंबर के बीच आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 4 बार ग्राम सभाएं आयोजित होंगी तथा इन चार ग्राम सभाओं के बाद 2 अक्टूबर को महा ग्रामसभा आयोजित होगी, जिसमें गांव के विकास की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। कलेक्टर श्री गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत कुल 17 विभागों की 25 सेवाएं शामिल की गई हैं। कलेक्टर श्री गुप्ता ने सभी चयनित 305 ग्रामों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिए, जो कि ग्रामसभा आयोजन की मॉनिटरिंग करेंगे और “आदि कर्मयोगी” अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करेंगे।
ग्रामसभाओं में ग्रामीणजन तैयार करेंगे गांव के विकास की योजना
कार्यशाला में राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक संचालक श्री नीरज पाराशर ने बताया कि 15 से 30 सितंबर के बीच आयोजित होने वाली 4 ग्राम सभाओं में ग्रामीणजन और समाजसेवी सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि गांव का पूरा भ्रमण कर गांव की आवश्यकता चिन्हित करेंगे, और उनकी पूर्ति के लिए कार्य योजना बनाएंगे। उन्होंने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित कुल की गई हैं। सहायक संचालक श्री पाराशर ने बताया कि विकासखंड स्तर पर भी आदि कर्म योगी अभियान की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जिले में चिन्हित सभी 305 चयनित गांवों में आदि सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
“आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत 17 विभागों की कुल 25 सेवाएं शामिल
सहायक संचालक श्री पाराशर ने कार्यशाला में बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 17 विभागों की जो 25 योजनाएं शामिल की गई हैं, उनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, क्षमता निर्माण तथा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान शामिल हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की हर घर नल से जल योजना, सामुदायिक जलापूर्ति योजना, ऊर्जा विभाग की हर घर बिजली ऑन ग्रिड, हर घर बिजली ऑफ ग्रिड योजना, स्वास्थ्य विभाग की सबको स्वास्थ्य, मोबाइल, चिकित्सा इकाई योजना, आयुष्मान कार्ड योजना, सिकल सेल हेतु स्वास्थ्य विभाग का अभियान इस अभियान के तहत शामिल हैं। इसके साथ ही अभियान के तहत नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना योजना, स्कूल शिक्षा विभाग की छात्रावास योजना, आयुष विभाग की पोषण वाटिका योजना, दूरसंचार विभाग की गांव-गांव मोबाइल योजना, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग की कौशल भारत योजना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की जनजातियों के लिए डिजिटल पहल, किसान कल्याण विभाग की टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना योजना, मछली पालन विभाग की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, पशुपालन विभाग की नेशनल लाइव स्टॉक मिशन, पर्यटन विभाग की स्वदेश दर्शन योजना, जनजातीय कार्य विभाग की प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना, ट्राइबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग केंद्र योजना, स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार योजना तथा वन अधिकार संबंधी योजना इस मिशन के तहत शामिल है।











